कोटा में हर्बल गुलाल से सजेगी होली, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिला रोजगार
MHR News Special Harbal Holi Nagar Nigam Gulal Launching Program SHG Group
कोटा। मीडिया हाउस राजस्थान न्यूज़ एजेंसी।
होली के त्योहार पर इस बार रंगों के साथ आत्मनिर्भरता की खुशबू भी बिखरेगी। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने शुक्रवार को यशिका स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे प्राकृतिक व हर्बल गुलाल निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया और महिलाओं की पहल की सराहना की।
आयुक्त मेहरा ने कहा कि होली खुशियों और उमंग का पर्व है, लेकिन यदि इसके साथ आर्थिक स्वावलंबन भी जुड़ जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने समूह की महिलाओं के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। फूलों की पंखुड़ियों से तैयार हो रहा प्राकृतिक रंग समूह अध्यक्ष ललिता ने बताया कि हर्बल गुलाल बनाने के लिए सबसे पहले ताजे गुलाब और गेंदे के फूलों की पंखुड़ियां एकत्रित की जाती हैं। इन्हें दो से तीन दिन तक कड़ी धूप में सुखाया जाता है, ताकि नमी पूरी तरह समाप्त हो जाए। इसके बाद सूखी पंखुड़ियों को ग्राइंडर में पीसकर बारीक पाउडर तैयार किया जाता है।
समूह की सदस्य उमा कुमारी ने बताया कि गुलाल को गहरा और आकर्षक रंग देने के लिए चुकंदर का रस तथा अन्य प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जाता है। ग्राहकों की मांग के अनुसार सुरक्षित फूड कलर भी सीमित मात्रा में मिलाया जाता है, जिससे त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
- सेहत और पर्यावरण का रखा जा रहा विशेष ध्यान :
उपायुक्त दयावती सैनी, स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा तथा जिला प्रबंधक हेमलता गांधी ने बताया कि इस पहल से दर्जनों महिलाओं को रोजगार मिला है। होली सीजन में समूह की महिलाएं बड़े पैमाने पर हर्बल गुलाल तैयार करने में जुटी हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है। अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की कि वे इस होली पर हर्बल गुलाल का उपयोग करें, जो त्वचा और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है। समूह की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण बन रही है।
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