बेबाक कलम खामोश: वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ को भावभीनी श्रद्धांजलि
Senior journalist Narayan bareth news by MHR News
राजस्थान की पत्रकारिता और जनसरोकारों की दुनिया के लिए यह अत्यंत दुखद क्षण है। कोटा के लाडले, वरिष्ठ और बेबाक पत्रकार तथा पूर्व सूचना आयुक्त Narayan Bareth के निधन से पूरे पत्रकारिता जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनकी विदाई केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि उस निर्भीक और सिद्धांतवादी पत्रकारिता के एक युग का अंत है जिसने सच को हमेशा प्राथमिकता दी। नारायण बारेठ उन चुनिंदा पत्रकारों में थे जिन्होंने पत्रकारिता को केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की सेवा का दायित्व माना। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विचारों में गहराई और व्यक्तित्व में सादगी झलकती थी। वे हमेशा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे और सत्ता से बेखौफ सवाल करने का साहस रखते थे।
पत्रकारिता के लंबे सफर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया और अपनी बेबाक शैली से अलग पहचान बनाई। उनकी खबरें और विश्लेषण अक्सर समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करते थे। यही कारण था कि उनकी कलम को लोग भरोसे और सम्मान के साथ पढ़ते थे। राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर उनकी गहरी पकड़ थी। प्रदेश के कई बड़े नेताओं से उनका संवाद रहा, जिनमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Haridev Joshi भी शामिल थे। लेकिन उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने कभी भी किसी दबाव या प्रभाव को अपनी निष्पक्षता पर हावी नहीं होने दिया। अपने अनुभव और जनसरोकारों की समझ के कारण उन्हें राजस्थान में सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
इस पद पर रहते हुए उन्होंने सूचना के अधिकार और पारदर्शिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आम नागरिकों को जानकारी का अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया। नारायण बारेठ का जीवन सादगी, ईमानदारी और सिद्धांतों का प्रतीक था। नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए वे हमेशा प्रेरणा और मार्गदर्शक बने रहे। उनकी सलाह और अनुभव ने अनेक युवा पत्रकारों को पत्रकारिता की सही दिशा दिखाई। उनके निधन की खबर मिलते ही कोटा सहित पूरे प्रदेश के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों में शोक की लहर दौड़ गई।
वरिष्ठ पत्रकारों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि नारायण बारेठ जैसे पत्रकार बहुत कम होते हैं, जो जीवन भर सच और समाज के लिए समर्पित रहते हैं। आज जब उनकी कलम खामोश हो गई है, तब भी उनके विचार, उनकी निर्भीकता और उनकी पत्रकारिता की विरासत हमेशा जीवित रहेगी। कोटा की पत्रकारिता ने एक मार्गदर्शक खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। नमन उस निर्भीक पत्रकार को जिसने सच को आवाज़ दी, नमन उस व्यक्तित्व को जिसने पत्रकारिता की गरिमा को हमेशा ऊंचा रखा। वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ को विनम्र श्रद्धांजलि। 🕯️
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