कोटा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विधि विद्यार्थियों ने जानी लोक अदालत की प्रक्रिया
DLSA LOK ADALAT 2025 News By MHR Media House Rajasthan
रविशंकर@मीडिया_हाउस।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटा के तत्वावधान में विधि विद्यार्थियों को लोक अदालत की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय सत्यनारायण जी व्यास ने विद्यार्थियों को लोक अदालत की अवधारणा, उद्देश्य एवं व्यवहारिक प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया। न्यायालय परिसर में विद्यार्थियों को बताया गया कि लोक अदालत में राजीनामा योग्य मामलों का आपसी सहमति से किस प्रकार निस्तारण किया जाता है तथा लोक अदालत का मूल मंत्र “ना कोई जीता, ना कोई हारा” किस तरह न्याय की भावना को सशक्त बनाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटा की सचिव गीता चौधरी के निर्देशन में डिफेंस एडवोकेट नरेंद्र डाबी ने विद्यार्थियों को न्यायालय भ्रमण करवाया और लोक अदालत में मामलों के निस्तारण की वास्तविक प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 19 में लोक अदालत के प्रावधान तथा धारा 22 में स्थायी लोक अदालत के संबंध में विस्तार से बताया और यह भी समझाया कि कानून में राजीनामा योग्य मामलों को लोक अदालत की भावना से किस प्रकार शीघ्र एवं अंतिम रूप से निस्तारित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में हुए राजीनामे के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे पक्षकारों को त्वरित और स्थायी समाधान मिलता है।
लोक अदालत के माध्यम से सिविल वाद, चेक अनादरण, वैवाहिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम से संबंधित मामले तथा शमन योग्य आपराधिक मामलों का निस्तारण संभव है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। कार्यक्रम के दौरान डिफेंस एडवोकेट नरेंद्र डाबी ने विद्यार्थियों एवं आमजन को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजना “न्याय आपके द्वार” के बारे में भी जागरूक किया और लोक अदालत को सुलभ, सरल एवं प्रभावी न्याय का माध्यम बताया।
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