Rajasthan: वरिष्ठ प्रचारक माणकचंद जी का निधन, पाथेय कण कार्यालय में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
News MHR DIGITAL Media House Rajasthan News Agency By RS Multimedia News Group.
(योगेश निगम, मीडिया हाउस जयपुर)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और पाथेय कण पत्रिका के संरक्षक श्री माणकचंद जी का मंगलवार को देहांत हो गया। वे 83 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज एसएमएस अस्पताल, जयपुर में चल रहा था, जहां उन्होंने दोपहर 12:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से संघ परिवार, राष्ट्रवादी विचारधारा और सामाजिक जीवन में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। श्री माणकचंद जी ने अपने जीवन के 60 वर्षों से अधिक समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित किया। उन्होंने वर्षों तक प्रचारक के रूप में कार्य करते हुए संगठन निर्माण और राष्ट्र सेवा के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे पाथेय कण पत्रिका के 34 वर्षों तक प्रबंध संपादक रहे और बाद में संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन देते रहे। उनके पार्थिव शरीर को मालवीय नगर स्थित पाथेय कण कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विचारकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर भावुक वातावरण में संघ गीत और श्रद्धांजलि मंत्रों के साथ अंतिम विदाई दी गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने माणकचंद जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा और संगठन के प्रति पूर्णतः समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने पाथेय कण कार्यालय पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर सांत्वना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि माणकचंद जी का विचारशील मार्गदर्शन युवाओं को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यपाल हरिबाऊ बागड़े ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि वे निःस्वार्थ सेवा और वैचारिक प्रतिबद्धता के प्रतीक थे। इस अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और संघ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और हम सभी को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा मिलती रहे।
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