मोशन कोचिंग कोटा: एक सपना, एक संघर्ष, एक सफल क्रांति
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कोटा शहर जिसे देश का शिक्षा नगरी कहा जाता है, वहां एक नाम है जिसने विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दी मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड इस संस्था के संस्थापक नितिन विजयवर्गीय ने न केवल कोटा में एक अलग पहचान बनाई, बल्कि पूरे देश में कोचिंग सिस्टम के स्तर को ऊंचा उठाया।
- शुरुआत एक छोटे विचार से :
नितिन विजयवर्गीय जी का जन्म एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से ही पढ़ाई में तेज और व्यवहार में विनम्र रहे। उन्होंने आईआईटी, बीएसयू (वाराणसी) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनका सपना कुछ अलग था देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना। साल 2007 में, उन्होंने कोटा में "मोशन" की नींव रखी। उस समय कोटा में पहले से कई बड़े कोचिंग संस्थान सक्रिय थे, लेकिन नितिन जी ने शिक्षा में व्यक्तिगत मार्गदर्शन, टेक्नोलॉजी और मानवता का मेल करने वाला नया मॉडल प्रस्तुत किया।
- मोशन कोचिंग की विशेषताएं :
AI आधारित लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल कंटेंट और लाइव क्लासेस, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और मेंटरशिप, "विद्यार्थी पहले" की नीति, स्कूल इंटीग्रेटेड प्रोग्राम्स और रूरल स्टूडेंट्स स्कॉलरशिप मोशन कोचिंग ने ना केवल जेईई और नीट की तैयारी के लिए खास पहचान बनाई, बल्कि ओलंपियाड, बोर्ड परीक्षा, एनटीएसी, केवीपीवाय जैसी परीक्षाओं में भी उच्चतम परिणाम दिए।
- नितिन विजयवर्गीय का परिश्रम और दृष्टिकोण :
नितिन विजयवर्गीय मानते हैं कि शिक्षा केवल रट्टा नहीं, एक जीवनशैली है। उनका विश्वास है कि हर विद्यार्थी में कुछ विशेष होता है, जरूरत है तो बस सही मार्गदर्शन की। वह खुद विद्यार्थियों के साथ बैठकर उनकी कठिनाइयों को समझते हैं। उनका दृष्टिकोण सिर्फ परीक्षा में सफल होना नहीं है, बल्कि एक अच्छा इंसान बनना भी शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए।
- कोटा से भारत और फिर ग्लोबल विस्तार :
मोशन ने कोटा से निकलकर जयपुर, इंदौर, पटना, अहमदाबाद, हैदराबाद जैसे शहरों में भी अपने सेंटर खोले। हाल के वर्षों में उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म मोशन लर्निंग एप शुरू किया, जिससे लाखों विद्यार्थी भारत के सुदूर गाँवों में भी शिक्षा से जुड़ सके। सम्मान और उपलब्धियां एज्यूटेक एक्सिलेंस अवार्ड में सम्मानित बेस्ट कोचिंग इंस्टीट्यूट फॉर जेईई नीट वॉरियर्स अवार्ड व हजारों सफल आइआइटीयंस, डॉक्टर और वैज्ञानिकों का निर्माण और सीएसआर के तहत गरीब बच्चों के लिए फ्री कोचिंग प्रोग्राम शुरू करने की पहल इत्यादि महत्वपूर्ण है। प्रेरणा युवाओं के लिए नितिन विजयवर्गीय की कहानी बताती है कि यदि इरादे नेक हों और मेहनत सच्ची, तो कोई भी सपना असंभव नहीं। वे कोचिंग को केवल व्यवसाय नहीं, एक सामाजिक ज़िम्मेदारी मानते हैं। उनका जीवन संदेश देता है। एक शिक्षक देश बदल सकता है, अगर वह एक विद्यार्थी को उसका विश्वास लौटा दे।
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