भाई दूज: भाई-बहन के प्यार का पर्व और दीपावली की रौनक
News Diwali 2025
भारत, त्योहारों का देश है, जहां हर पर्व अपने आप में एक खास संदेश और भावना समेटे होता है। दीपावली का त्योहार पूरे देश में ख़ुशियों की सौगात लेकर आता है, और इसी पर्व के ठीक दो दिन बाद मनाया जाने वाला भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक बन जाता है। भाई दूज को भाई और बहन के रिश्ते की मिठास को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करते हुए उसे तिलक करती है और मिठाई खिलाती है। बदले में भाई अपनी बहन को उपहार देता है और जीवन भर उसकी सुरक्षा और सुख-शांति की प्रतिज्ञा करता है।
- दीपावली और भाई दूज का सामंजस्य :
दीपावली का त्योहार रौशनी, खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। घर-घर में दीपक जलते हैं, रंगोली की सजावट होती है और मिठाइयों की खुशबू हर जगह फैली रहती है। भाई दूज इस रौनक को और भी खास बना देता है। दीपावली की धूम-धाम के बीच भाई दूज बहनों और भाइयों के बीच प्यार और एकता की भावना को और मजबूत करता है। आज के समय में भाई दूज केवल घर तक सीमित नहीं रहा। शहरों और गांवों में भाई-बहन इस दिन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भाई दूज की फोटो, वीडियो और संदेश शेयर किए जाते हैं। यह पर्व न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवित रखता है, बल्कि आधुनिक परिवारों में भी भाई-बहन के रिश्तों को जोड़ने का एक नया तरीका बन गया है।
- भाई दूज का सामाजिक संदेश
भाई दूज केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है। यह समाज में समानता, सम्मान और सुरक्षा का संदेश भी देता है। यह हमें याद दिलाता है कि रिश्तों में विश्वास और स्नेह बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है जैसे दीपावली अंधकार को दूर कर उजाला फैलाती है, वैसे ही भाई दूज रिश्तों में मिठास और अपनापन भर देता है। इस दिन भाई और बहन के बीच के संबंध नए उत्साह और उमंग के साथ मजबूत होते हैं। इस भाई दूज पर, आइए हम अपने भाई-बहन के रिश्तों की कद्र करें और इस दीपावली की रौशनी में अपने परिवार और समाज में खुशियां फैलाएं।
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