न्याय अब होगा आसान, लोक अदालत के साथ - एडीजे गीता चौधरी
News By MHR NEWS Media House Rajasthan
रविशंकर/कोटा, 12 सितम्बर 2025।
जिला न्यायालय परिसर, कोटा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को सुबह 11:00 बजे किया जाएगा। यह आयोजन जिला न्यायालय परिसर के अंदर एडीआर हॉल सहित सभी तालुका स्तर पर होगा। लोक अदालत कोटा का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला सेशन एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमान सत्यनारायण व्यास करेंगे। इस संबंध में मीडिया हाउस राजस्थान से बातचीत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा की सचिव श्रीमती गीता चौधरी ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मूल उद्देश्य आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाना है।
- राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है ?
राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय की वह प्रणाली है जहाँ विवादों का निपटारा आपसी समझौते और सुलह के आधार पर किया जाता है। यहाँ न तो लंबी अदालत की कार्यवाही होती है और न ही अधिक खर्च। इसमें दिया गया निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है। लोक अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से अपील नहीं की जा सकती। यह न्याय का ऐसा माध्यम है जो न केवल अदालतों का बोझ कम करता है बल्कि लोगों के बीच आपसी रिश्तों को भी बेहतर बनाता है।
- इस बार किन मामलों को प्राथमिकता मिलेगी :
श्रीमती गीता चौधरी ने बताया कि इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष तौर पर निम्नलिखित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिसमें बैंक रिकवरी व वित्तीय मामले, बिजली-पानी बिल से जुड़े विवाद, बीमा क्लेम, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति (MACT), पारिवारिक विवाद (तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति बंटवारा), आपराधिक (compoundable) केस शामिल हैं।
- लोक अदालत के फायदे :
1. समय की बचत - महीनों और सालों तक चलने वाले मुकदमे का निपटारा एक ही दिन में संभव।
2. कम खर्च – यहाँ कोर्ट फीस नहीं लगती।
3. दोनों पक्षों की संतुष्टि – क्योंकि फैसला आपसी सहमति से होता है।
4. सामाजिक सद्भाव – आपसी विवाद खत्म होने से रिश्ते सुधरते हैं।
5. न्यायपालिका पर बोझ कम – लाखों लंबित मामलों का निपटारा।
- जागरूकता और अपील :
श्रीमती गीता चौधरी ने जनता से अपील करते हुए कहा लोक अदालत केवल कानूनी समाधान नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और रिश्तों को सुधारने का एक सकारात्मक जरिया है। हम सभी नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे अपने लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत करें और त्वरित न्याय का लाभ उठाएं। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा द्वारा परिसर में हेल्पडेस्क और परामर्श केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि आने वाले पक्षकारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन साल में चार बार (हर तीन माह में एक बार) किया जाता है। इसमें देशभर की सभी अदालतें एक ही दिन लोक अदालत लगाती हैं। इस व्यवस्था से अब तक लाखों मामलों का निपटारा हुआ है।
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